अक्षय तृतीया भारतीय महीने वैशाख के शुक्ल पक्ष के तीसरे दिन मनाया जाता है। ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार, यह अप्रैल-मई के महीने में पड़ता है। यह इस दिन है कि सूर्य और चंद्रमा दोनों को अपने ग्रहों पर सबसे अच्छा कहा जाता है। इस दिन को ‘अखा तीज’ के नाम से भी जाना जाता है।

नई शुरआत
अक्षय का अर्थ है असीमित या अटूट – जो कभी नहीं बिगड़ता। नया उद्यम शुरू करने के लिए सबसे शुभ दिन माना जाता है।जिनके अटके हुए काम नहीं बन पाते हैं, व्रत उपवास करने के बावजूद जिनकी मनोकामना की पूर्ति नहीं हो पा रही हो और जिनके व्यापार में लगातार घाटा चल रहा हो, उनके लिए कोई भी नई शुरुआत करने के लिए अक्षय तृतीया का दिन बेहद शुभ माना जाता है।
दान का दिन – आखा तीज
यह दान करने के लिए सबसे शक्तिशाली दिन है। आज आप जो कुछ भी देते हैं वह कई गुना अधिक है और भरपूर आशीर्वाद के रूप में वापस आता है। यह धन निर्माण के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय में से एक है।
भगवद गीता में, यह सिफारिश की जाती है कि किसी को सूर्यग्रहण, चंद्र ग्रहण और अक्षय तृतीया जैसे शुभ दिनों में किसी भी दिन रिटर्न की उम्मीद किए बिना दान करना चाहिए। यह भी कहा जाता है कि किसी को तीर्थ स्थान या मंदिरों में और एक योग्य ब्राह्मण को दान करना चाहिए।इस दिन स्नान, दान, जप, हवन आदि करने पर इनका फल अक्षय रूप में प्राप्त होता है। इस शुभ तिथि पर दान करने का अत्यधिक महत्व है, ऐसे में अक्षय तृतीया पर अपनी नेक कमाई से कुछ अंश अवश्य दान करें।
हिंदू ग्रंथों में कहा गया है कि अक्षय तृतीया पर निम्नलिखित चीजों का दान करने से योग्यता या पुण्य कमाया जा सकता है जो किसी को खुश और धन्य बना सकता है।
विवाह
अक्षय तृतीया के दिन ऐसे विवाह भी मान्य होते हैं, जिनका मुहूर्त साल भर नहीं निकल पाता है। दूसरे शब्दों में ग्रहों की दशा के चलते अगर किसी व्यक्ति के विवाह का दिन नहीं निकल पा रहा है, तो अक्षय तृतीया के दिन बिना लग्न व मुहूर्त के विवाह होने से उसका दांपत्य जीवन सफल हो जाता है। यही कारण है कि राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, बंगाल आदि में आज भी अक्षय तृतीया के दिन हजारों की संख्या में विवाह होते हैं। तमाम तरह के दान में कन्यादान का अत्यधिक महत्व माना गया है। यही कारण है कि इस दिन अक्षय तृतीया के दिन होने वाले शुभ विवाह पर लोग विशेष रूप से कन्यादान करते हैं।
नई खरीद
अक्षय तृतीया पर नई चीजों की खरीदारी और सोने से बनी चीजें या आभूषण खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर के पूछने पर यह बताया था कि आज के दिन जो भी रचनात्मक या सांसारिक कार्य करोगे, उसका पुण्य मिलेगा। कोई भी नया काम, नया घर और नया कारोबार शुरू करने से उसमें बरकत और ख्याति मिलेगी।